Maharashtra State Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द
Hindi Lokvani 10th Std Digest Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द Textbook Questions and Answers
सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
(१) असत्य विधान को सत्य करके लिखिए:
(क) लेखक को सुपरफास्ट ट्रेन के बजाय एक्सप्रेस से यात्रा करना ज्यादा पसंद नहीं है।
Answer:
लेखक को सुपरफास्ट ट्रेन के बजाय एक्सप्रेस से यात्रा करना ज्यादा पसंद है।
(ख) लेखक को पेटदर्द हो रहा था।
Answer:
लेखक को सिरदर्द हो रहा था।
(ग) लेखक को भागते वक्षों का साथ निभाने में कम मजा आता था।
Answer:
लेखक को भागते वृक्षों का साथ निभाने में बड़ा मजा आता था।
(घ) सभी सिरवालों को सिरदर्द होना अस्वाभाविक है।
Answer:
सबको सिरदर्द होना स्वाभाविक है।
(२) उत्तर लिखिए:
Answer:


(३) पाठ में प्रयुक्त रेल विभाग से संबंधित शब्दों की सूची बनाइए:
Answer:
(४) कारण लिखिए:
(५) दिए गए शब्दों से तद्धित तथा कृदंत शब्द बनाइए:
Answer:


अभिव्यक्ति
‘मेक इन इंडिया’ नीति पर अपने विचार लिखिए।
Answer:
‘मेक इन इंडिया’ यह नीति भारत सरकार द्वारा बनाई गई है। देशी और विदेशी कंपनियों द्वारा भारत में वस्तुओं का निर्माण हो इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए इस नीति की शुरूआत हुई है। भारत में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए इस योजना का शुभारंभ हुआ है। इसका उद्घाटन भारत के वर्तमान प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा हुआ। हर वस्तु ‘भारत में बनाओ’ सभी को रोजगार उपलब्ध हो एवं भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत हो, इस ध्येय को सामने रखकर यह नीति कार्यान्वित हुई। इस नीति की शुरुआत होने के बाद अगले साल भारत में विदेशी निवेश में उछाल देखने को मिला। भारत देश का विकास हो और वह विकसित देशों की सूची में आए. इन बातों को ध्यान में रखते हुए इस अभियान की शुरुआत हुई।
भाषा बिंदु
(१) निम्नलिखित वाक्यों के काल पहचानकर कोष्ठक में लिखिए:
(२) सूचना के अनुसार काल परिवर्तन कीजिए:
उपयोजित लेखन
निम्नलिखित जानकारी के आधार पर विज्ञापन तैयार कीजिए:
Answer:


Hindi Lokvani 10th Std Textbook Solutions Chapter 3 सफर का साथी और सिरदर्द Additional Important Questions and Answers
निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।
कृति अ (१): आकलन कृति
कृति पूर्ण कीजिए।


संजाल पूर्ण कीजिए।


गद्यांश पढ़कर ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों
कृति अ (२): शब्द संपदा
निम्नलिखित शब्दों के अर्थ लिखिए।
Answer:
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए।
दिए गए निर्देश के अनुसार परिवर्तन कीजिए।


नीचे दिए हुए शब्द में उचित प्रत्यय लगाइए।
निम्नलिखित शब्दों के समोच्चारित भिन्नार्थक शब्द लिखिए।
Answer:
कृति अ (३): अभिव्यक्ति
बीस मिनट के बाद रेल चल पड़ी। जैसे ही हम मुंबई से बाहर आए; वैसे ही दूर-दूर तक फैले हुए खेत और पर्वत देखकर हम आनंदविभोर हो गए। थोड़ी देर बाद घाटियाँ आई। रेल घाटियों से बहुत ही धीमी गति से जा रही थी। सर्वत्र शीतल हवा बह रही थी। वातावरण बड़ा ही खुशनुमा था। प्राकृतिक दृश्यों का मनोहारी रूप देखकर मेरा मन प्रफुल्लित हो गया। करीब चौदह घंटे रेल में बीताने के बाद हम जोधपुर पहुँच गए।
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।
कृति आ (१): आकलन कृति
समझकर लिखिए।
Answer:


उचित विकल्प चुनकर वाक्य पूर्ण कीजिए।
कृति पूर्ण कीजिए।


कृति आ (२): शब्द संपदा
निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची लिखिए।
Answer:
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए।
विलोम शब्द लिखिए।
Answer:
नीचे दिए हुए शब्द के अनेकार्थी शब्द लिखिए।
वचन बदलिए।
Answer:
लिंग बदलिए।
Answer:
कृति आ (३): स्वमत अभिव्यक्ति
वास्तव में वे एक प्रसिद्ध कवि थे। यात्रा के दरम्यान उन्होंने मुझे अपनी कविताओं से परिचित करवाया। उन्होंने हिंदी साहित्य के प्रति मेरी रूचि जगाई और मुझे पढ़ने के लिए प्रेरित किया। पाँच-छ: घंटे की उस आपसी वार्तालाप ने मेरे हृदय में पढ़ने की इच्छा का संचार किया। इस कारण मैं आज भी उन्हें मन ही मन याद करता हूँ।
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।
कृति इ (१): आकलन कृति
गद्यांश पढ़कर ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों –
प्रवाह तालिका पूर्ण कीजिए।
Answer:


उतर लिखिए।
Answer:


कृति इ (२): शब्द संपदा
Question 2
Maharashtra Board Solution
परिच्छेद में प्रयुक्त श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द ढूँढ़कर लिखिए। उतर: उतर: उतर कोई: कई संपत्ति: संप्रति |
वचन बदलिए।
कृति इ (३): स्वमत अभिव्यक्ति
Question 1
Maharashtra Board Solution
‘समाचारपत्र की आवश्यकता’ विषय पर अपने विचार लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
समाचारपत्र जीवन की आवश्यकता है। समाचारपत्र वैचारिक रूप से बहुत ही प्रभावशाली व शक्तिशाली होते हैं। समाचारपत्र हमें धर्म, समाज, खेल, रोजगार, अर्थव्यवस्था, फिल्म, उद्योग, नीति आदि के बारे में जानकारी देते हैं। यह हमें देश-विदेश के खबरों की जानकारी देते हैं। यह बच्चों के लिए भी उपयोगी है। बच्चों का मनोरंजन करने के साथ उन्हें कई प्रकार की रोचक जानकारी भी देता है।
इससे बच्चों के वाचन कौशल का विकास होता है। समाचारपत्र में तरहतरह के विज्ञापन प्रकाशित होते हैं। कोई भी सरकारी योजना हो; वह समाचारपत्र के द्वारा ही प्रकाशित होती है। व्यापार को समाचारपत्रों से ही प्रोत्साहन मिलता है। समाचारपत्र एक व्यक्ति, समाज व राष्ट्र को एकसूत्र में बाँधकर रखने का महत्त्वपूर्ण कार्य करते हैं। निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए। कृति ई (१): आकलन कृति समझकर लिखिए।
Question 1
Maharashtra Board Solution
लेखक हबीबगंज उतरना चाहते हैं क्योंकि –
Solution & Step-by-Step Answer:
वहाँ से तुलसीनगर पास पड़ता है।
निम्नलिखित गलत विधान सही करके लिखिए।
Question 1
Maharashtra Board Solution
लेखक को भोपाल में स्थित अरोरा कॉलोनी जाना है।
Solution & Step-by-Step Answer:
लेखक को भोपाल में स्थित तुलसीनगर जाना है।
Question 2
Maharashtra Board Solution
हबीबगंज से तुलसीनगर जाने समय टेंपो मिल जाता है।
Solution & Step-by-Step Answer:
हबीबगंज से तुलसीनगर जाते समय ऑटो मिल जाता है।
कृति पूर्ण कीजिए।
Question 1
Maharashtra Board Solution
Solution & Step-by-Step Answer:
संजाल पूर्ण कीजिए।
Question 1
Maharashtra Board Solution
Solution & Step-by-Step Answer:
कृति घ (२): शब्द संपदा निम्नलिखित वाक्य में विराम चिह्नों का उचित प्रयोग कीजिए।
Question 1
Maharashtra Board Solution
लेखक ने कहा टाइम बदल गया
Solution & Step-by-Step Answer:
लेखक ने कहा, “टाइम बदल गया।”
दिए गए निर्देशानुसार परिवर्तन कीजिए।
Question 1
Maharashtra Board Solution
Solution & Step-by-Step Answer:
गद्यांश में से शब्द-युग्म ढूँढ़कर लिखिए। Answer: पर्यायवाची शब्द लिखिए। Answer: कृति ई (३): स्वमत अभिव्यक्ति
Question 1
Maharashtra Board Solution
सहयात्री का बातूनी व्यवहार आपके लिए परेशानी का सबब बनें तब आप क्या करेंगे? अपने विचार लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
रेल या बस से यात्रा करते समय आपके पास कौन आकर बैठने वाला है, इसके बारे में आप को कुछ भी पता नहीं होता है। न आप उसके नाम से परिचित होते हैं और न उसके स्वभाव के बारे में आपको कुछ पता होता है। सहयात्री की कुछ आदतें हमारे लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं। जैसे कि वह अपनी आदत के अनुसार ढेर सारे प्रश्न पूछकर आपको परेशान कर सकता है।
ऐसे में आप संयमपूर्वक अपने आप को नियंत्रण में रख सकते हैं। उसके द्वारा बार-बार पूछे गए प्रश्नों का हमें सिर्फ ‘हाँ’ या ‘नहीं’ में ही जबाव देना चाहिए। यदि हम उसके साथ विस्तार से बातें करेंगे, तो वह हमारे सफर का मजा किरकिरा कर सकता है। यदि हमें उसके द्वारा पूछा गया प्रश्न अच्छा नहीं लगा, तो ऐसे में चुप्पी साधकर बैठने में ही भलाई है। सही विकल्प चुनकर लिखिए।
Question 1
Maharashtra Board Solution
सारे रास्ते गाड़ियों के शटिंग की आवाज सुनाई देगी – (अ) अगर ट्रेन में सहयात्री का साथ हो जाए। (आ) अगर ट्रेन में रेलवे कर्मचारी का साथ हो जाए। (इ) अगर ट्रेन में सिरफिरे व्यक्ति का साथ हो जाए।
Solution & Step-by-Step Answer:
सारे रास्ते गाड़ियों के शटिंग की आवाज सुनाई देगी अगर ट्रेन में रेलवे कर्मचारी का साथ हो जाए।
कृति उ (२): शब्द संपदा निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए। Answer: नीचे दिए हुए शब्द के अनेक अर्थ लिखिए।
Question 1
Maharashtra Board Solution
मेल
Solution & Step-by-Step Answer:
यात्रियों को लेकर जाने वाली रेल, संगणक के जरिए अन्य लोगों को भेजा जाने वाला संदेश, मिलाप।
Question 2
Maharashtra Board Solution
गद्यांश में से विदेशी शब्द ढूँढकर लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिए। Answer:
Question 1
Maharashtra Board Solution
गद्यांश में से विलोम शब्दों की जोड़ियाँ ढूँढकर लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
अप x डाउन. छोटी x बड़ी
Question 2
Maharashtra Board Solution
गद्यांश में से शब्द-युग्म ढूँढ़कर लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
कैसे – कैसे पूछते – पूछते
कृति उ (३): स्वमत अभिव्यक्ति
Question 1
Maharashtra Board Solution
रेल गाड़ियों के आगमन एवं प्रस्थान संबंधी ‘पूछताछ विभाग’ एक महत्त्वपूर्ण विभाग होता है। – क्या आप इस कथन से सहमत हैं? अपने विचार लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
जी हाँ, मैं इस कथन से सहमत हूँ। इस विभाग के जरिए यात्री गाड़ियों के परिचालन संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इस विभाग के तहत यात्री मोबाइल टिकट सेवा, कोच का पंजीकरण, आरक्षित गाड़ी, अनुसूची, रेलवे की उपलब्धता, किराया पूछताछ आदि जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकता है। कभी-कभी निश्चित समय पर स्टेशन पर गाड़ी नहीं आती या कभी-कभी गाड़ी किसी कारणवश रद्द हो जाती है।
ऐसी स्थिति में पूछताछ विभाग के कर्मचारियों के द्वारा सूचना या जानकारी प्राप्त करके यात्री चैन की साँस ले सकते हैं। पूछताछ विभाग भी प्रत्येक यात्री के प्रश्न का उत्तर देकर यात्रियों को संतुष्टी प्रदान करता हैं। प्रश्न ६ (ए) निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए। कृति ए (१): आकलन कृति गोश पढ़कर ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों
Question 1
Maharashtra Board Solution
सहयात्री
Solution & Step-by-Step Answer:
लेखक से आरक्षण के बारे ने किसने पूछा?
Question 2
Maharashtra Board Solution
जनता
Solution & Step-by-Step Answer:
भारतीय रेल किसकी संपत्ति है?
समझकर लिखिए।
Question 1
Maharashtra Board Solution
Solution & Step-by-Step Answer:
कृति कीजिए।
Question 1
Maharashtra Board Solution
Solution & Step-by-Step Answer:
कृति ए (२): शब्द संपदा
Question 1
Maharashtra Board Solution
गद्यांश में से शब्द-युग्म ढूँढकर लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
अपने – अपने इशारे – इशारे
निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिए। Answer: वचन बदलिए। Answer: निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए। Answer: निम्नलिखित वाक्यों में उचित विरामचिह्न का प्रयोग कीजिए
Question 1
Maharashtra Board Solution
रेल कंडक्टर ने कहा जब टिकिट है तो देखना क्या
Solution & Step-by-Step Answer:
रेल कंडक्टर ने कहा, “जब टिकिट है तो देखना क्या?”
कृति ए (३): स्वमत अभिव्यक्ति
Question 1
Maharashtra Board Solution
‘आजकल बिना आरक्षण के यात्रा करना सिरदर्द मोल लेना है।’ विषय पर अपने विचार लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
आज का युग आपाधापी का युग है। इस युग में जनसंख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। लोग व्यापार एवं अन्य कार्य के लिए चारों ओर आते-जाते रहते हैं। इस कारण यातायात के सभी साधन हमेशा भीड़ से भरे होते हैं। रेल में तो चौंटी को भी पैर रखने के लिए जगह नहीं होती है। ऐसे में यदि हमें कभी शहर के बाहर यानी गाँव या पिकनिक मनाने के लिए परिवार के साथ जाना है तो हमें पहले से ही आरक्षण करवाना चाहिए।
इससे हमारा सफर सुरक्षित एवं सुखद होता है। आरक्षण होने से हमें रेल में आराम से सीट मिल जाती है। हमें किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ता है। इसके विपरीत जो लोग आरक्षण नहीं करते हैं उन्हें ढेर सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कभी-कभी ऐसा भी होता है कि रेल या बस न मिलने के कारण वापस घर लौटना पड़ता है। इसलिए बिना आरक्षण के यात्रा करना सिरदर्द मोल लेना है। गद्यांश पढ़कर ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर निम्न शब्द हों –
Question 1
Maharashtra Board Solution
सिरदर्द
Solution & Step-by-Step Answer:
जिनके पेट में गैस होती है उन्हें क्या होता है?
Question 2
Maharashtra Board Solution
रिएक्शन
Solution & Step-by-Step Answer:
ऐसी-वैसी गोलियाँ खाने से क्या हो सकता हैं?
संजाल पूर्ण कीजिए।
Question 1
Maharashtra Board Solution
Solution & Step-by-Step Answer:
कृति ऐ (२):शब्द संपदा निम्नलिखित वाक्य में विराम चिह्नों का उचित प्रयोग कीजिए।
Question 1
Maharashtra Board Solution
लेखक ने कहा भाई साहब मैं सिर दर्द से नहीं हमसफर यात्रियों के दर्द ए सिर से परेशान हूँ
Solution & Step-by-Step Answer:
लेखक ने कहा, “भाई साहब! मैं सिर दर्द से नहीं, हमसफर यात्रियों के दर्द-ए-सिर से परेशान हूँ।”
Question 2
Maharashtra Board Solution
दिए गए गद्यांश में से विदेशी शब्द ढूंढकर लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
रिएक्शन गैस
निम्नलिखित शब्द में उचित उपसर्ग लगाकर नए शब्द तैयार कीजिए। Answer:
Question 1
Maharashtra Board Solution
गद्यांश में से प्रत्यय युक्त शब्द ढूँढ़कर लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
ठेकेदार परांठेवाला स्वाभाविक हमसफर
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए।
Question 1
Maharashtra Board Solution
पिता संबंधी
Solution & Step-by-Step Answer:
पैतृक
Question 2
Maharashtra Board Solution
किसी काम का ठेका लेने वाला
Solution & Step-by-Step Answer:
ठेकेदार
Question 3
Maharashtra Board Solution
गद्यांश में से विलोम शब्द की जोड़ी ढूँढकर लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
ताजा x बासी
कृति ऐ (३): स्वमत अभिव्यक्ति
Question 1
Maharashtra Board Solution
‘यात्रा करते समय किसी से भी अनावश्यक बातें करना उचित है?’ अपने विचार लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
हमें अनावश्यक अथवा निरर्थक बातें कभी भी नहीं करनी चाहिए। व्यक्ति को सिर्फ अपने काम से काम रखते हुए मर्यादित बातें करनी चाहिए। जब हम यात्रा पर निकलते हैं तब रेल या बस में हमें कई सहयात्री मिल जाते हैं। हमें उनसे भी मर्यादित यानी आवश्यकता है तो ही बातें करनी चाहिए। संभव है, वे हमारी अनावश्यक बातें सुनकर ऊब सकते हैं या उन्हें हमारी बातें अच्छी न लगें। अनावश्यक बातें करने से दूसरों के सामने हमारी ही प्रतिमा दूषित होती है। अनावश्यक बातों को सुनकर सामने वाले व्यक्ति को सिरदर्द हो सकता है। इससे उसकी यात्रा का मजा किरकिरा भी हो सकता है।
सफर का साथी और सिरदर्द Summary in Hindi सफर का साथी और सिरदर्द लेखक – परिचय जीवन परिचय : रामनारायण उपाध्याय जी का जन्म २ मई, १९१८ में मध्य प्रदेश राज्य के कालमुखी खंडवा में हुआ था। भारत के स्वतंत्रतापूर्व से ही इन्होंने लघुकथाएँ लिखनी शुरू कर दी था। इनका साहित्य गाँधीवादी विचारधारा से बहुत प्रभावित रहा है। उपाध्याय जी एक प्रसिद्ध व्यंग्यकार भी थे। इन्होंने व्यंग्य, ललित निबंध, रिपोर्ताज, रूपक, संस्मरण आदि विधाओं में सरल सहज व प्रभावशाली शैली में लेखन किया है। हिंदी भाषा के साथ-साथ लोकभाषा तथा विभिन्न बोलियों के क्षेत्र में इन्होंने अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है। प्रमुख कृतियाँ : ‘बख्शीनामा’, धुंधले काँच की दीवार’, ‘नाक का सवाल’, ‘मुस्कराती फाइलें’ (व्यंग्यसंग्रह), ‘मृग के छौने’ (निबंध संग्रह), ‘हम तो बाबुल तेरे बाग की चिड़ियाँ’ (लोकसाहित्य), ‘जिन्हें भूल न सका’ (संस्मरण) आदि। सफर का साथी और सिरदर्द गद्य-परिचय हास्य-व्यंग्य : हास्य-व्यंग्य निबंध साहित्य की एक नई विधा है। इसमें उपहास, मजाक व इसी क्रम में आलोचना का प्रभाव रहता है। इस निबंध : विधा के माध्यम से गंभीर से गंभीर विषयों पर हल्के-फुल्के ढंग से हास्य द्वारा पाठकों को सोचने पर विवश किया जाता है। प्रस्तावना : ‘सफर का साथी और सिरदर्द’ इस हास्य व्यंग्यपरक निबंध में लेखक रामनारायण उपाध्याय जी ने रेलयात्रा करते समय यात्रा में आने वाली दिक्कतों से परिचित करवाया है। लेखक का कहना है कि हमें यात्रा करते समय दूसरे यात्रियों से अखबार जैसी कुछ भी चीजें नहीं माँगनी चाहिए और साथ ही हमें अनावश्यक बातें करने से बाज आना चाहिए। सफर का साथी और सिरदर्द सारांश यह एक हास्य-व्यंग्य निबंध है। इस निबंध में लेखक ने माँगकर अखबार पढ़नेवालों, अनावश्यक बातें करने वालों एवं बिन माँगे सलाह देने वालों पर करारा व्यंग्य किया है। लेखक को अकेले यात्रा करने में आनंद आता है। उनके अनुसार किसी के साथ यात्रा करना यानी यात्रा का मजा किरकिरा होने जैसा है। रेल से यात्रा करते समय खिड़की से बाहर झाँककर प्राकृतिक मनोरम दृश्यों को देखना, सूर्योदय व सूर्यास्त देखना लेखक को अच्छा लगता है। लेखक को सुपरफास्ट रेल की बजाय एक्सप्रेस से यात्रा करने में आनंद आता है; क्योंकि वह दूर से स्टेशन देखकर अपनी चाल धीमी कर देती है। रेल में बैठे अन्य सहयात्रियों से लेखक परेशान हो जाता है। अन्य यात्री लेखक का अखबार माँगते हैं और वे लेखक से तरह-तरह की अनावश्यक बातें करना शुरू कर देते हैं। इनसे लेखक तंग आ जाता है और वह सिरदर्द की एक गोली खाकर लेटना चाहता है। लेखक के साथ सफर करने वाला एक सहयात्री लेखक को गोली खाते हुए देख लेता है और वह लेखक से ढेर सारे सवाल करना शुरू कर देता है, जिससे लेखक ऊब जाता है और वह सीधा-सा जवाब देते हुए कहता है कि जब वह घर से निकला था, तब भला-चंगा था लेकिन जब सहयात्रियों ने उनका सिर खाना शुरू कर दिया तबसे उनका सिरदर्द बढ़ गया। अंत में वह अपने परेशान होने का कारण बताते हुए कहते हैं कि “मैं सिर दर्द से नहीं हमसफर यात्रियों के दर्द-ए-सिर से परेशान हूँ।” सफर का साथी और सिरदर्द शब्दार्द्ध सफर का साथी और सिरदर्द मुहावरे |











