Maharashtra State Board 12th Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 8 सुनो किशोरी
12th Hindi Guide Chapter 8 सुनो किशोरी Textbook Questions and Answers
कृति-स्वाध्याय एवं उत्तर
आकलन
रूढ़ि | परंपरा |
(1) …………………….. | (1) …………………….. |
(2) …………………….. | (2) …………………….. |
उत्तर :
रूढ़ि | परंपरा |
(1) रूढ़ि स्थिर होती है। | (1) परंपरा निरंतर गतिशील है। |
(2) रूढ़ि ऐसी रीति-नीति है, जो समय के साथ अपना अर्थ खो चुकी है। | (2) परंपरा समय के साथ बहती धारा है, जो अनुपयोगी हो गए मूल्यों को छोड़कर उपयोगी मूल्यों के साथ आगे बढ़ती है। |
(आ) कारण लिखिए :
(1) सुगंधा का पत्र पाकर लेखिका को खुशी हुई …………………………………..
(2) पश्चिमी मूल्य रूपी फल हमारे किसी काम के नहीं होंगे …………………………………..
उत्तर :
(1) सुगंधा का पत्र पाकर लेखिका को खुशी हुई क्योंकि सुगंधा लेखिका की पुत्री थी।
(2) रूढ़ि अर्थात ऐसी रीतियाँ, जो समय के साथ अनुपयोगी हो गई हैं, जिनका पालन करके समाज पिछड़ रहा हो, उन्हें हमें छोड़ देना चाहिए। जैसे बाल विवाह, पर्दा प्रथा, बहुविवाह प्रथा आदि।
शब्द संपदा
प्रश्न 2
Maharashtra Board Solution
शब्द युग्म को पाठ के आधार पर पूर्ण कीजिए : (1) क्षत – ………………………………….. (2) आदान – ………………………………….. (3) सूझ – ………………………………….. (4) सोच – …………………………………..
Solution & Step-by-Step Answer:
: (1) क्षत – विक्षत (2) आदान – प्रदान (3) पुरानी – जर्जर (4) कहने – सुनने
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अभिव्यक्ति
प्रश्न 3
Maharashtra Board Solution
(अ) विद्यार्थी जीवन में मित्रता का महत्त्व’, इस विषय पर अपना मंतव्य लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
: विद्यार्थी जीवन स्वतंत्र जीवन होता है। यह ऐसा महत्त्वपूर्ण समय होता है, जिसमें विद्यार्थी चाहे तो अच्छा इनसान बन सकता है और बिगड़ना चाहे तो बिगड़ सकता है। यह ऐसी अवस्था है, जब एक युवा या युवती के विकास में उसके संगीसाथियों का बहुत अधिक प्रभाव होता है।
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यदि इस समय अच्छे विद्यार्थियों से मित्रता होगी, तो वह भविष्य में अच्छा ही रहेगा और यदि उसकी संगति बुरे विद्यार्थियों से होगी तो उस पर भी बुरी संगत का असर होगा और वह भी अपने लक्ष्य से भटक जाएगा। सच्चा मित्र हमारे सुख-दुख में सदैव हमारा साथ देता है।
हमारी उलझनों, परेशानियों को दूर करने में हमारी सहायता करता है।
(आ) ‘युवा पीढ़ी किस ओर’, इस विषय पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर :
युवा वर्ग किसी भी समाज व देश के लिए आशा की किरण होता है। देशवासी युवाओं में देश का भविष्य देखते हैं। परंतु आज की युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति, अपने मूल्यों को तो काट फेंकना चाहती है परंतु पश्चिमी संस्कृति के पीछे दीवानी हो रही है।
युवा पीढ़ी कर्तव्य-पालन के समय विदेशों के उदाहरण दिया करती है। वहाँ युवक-युवती प्रारंभ से ही अपनी अलग गृहस्थी बसा लेते हैं। परंतु ये लोग इस तथ्य को नकार देते हैं कि वहाँ बहुत छोटी अवस्था से ही किशोर-किशोरी स्वावलंबी हो जाते हैं।
वे अपने पोषण के लिए माता-पिता पर निर्भर नहीं करते। प्रत्येक संस्कृति के जीवन-मूल्य अलग होते हैं। भारतीय युवाओं को यह तथ्य समझना चाहिए।
पाठ पर आधारित लघूत्तरी प्रश्न
प्रश्न 4
Maharashtra Board Solution
(अ) ‘उड़ो बेटी, उड़ो ! पर धरती पर निगाह रखकर’, इस पंक्ति में निहित सुगंधा की माँ के विचार स्पष्ट कीजिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
: उड़ो बेटी, उड़ो पर धरती पर निगाह रखकर के द्वारा लेखिका का कहना है कि सपने देखना, उन्हें पूरा करने का प्रयास करना प्रत्येक व्यक्ति का अधिकार है। परंतु हमें अपनी महान सभ्यता, अपनी संस्कृति व अपने जीवन मूल्यों को कभी भी नहीं भूलना चाहिए।
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अपनी धरती से, अपनी जड़ों से कटकर कोई भी व्यक्ति लंबे समय तक सुखी नहीं रह पाता। जीवन में ऐसे अनेक अवसर आते हैं, जब पीछे छोड़ दिए गए रिश्ते और लोग हमें याद आते हैं और हमें व्याकुल कर जाते हैं।
(आ) पाठ के आधार पर रूढ़ि-परंपरा तथा मूल्यों के बारे में लेखिका के विचार स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
समय के साथ अपना अर्थ खो चुकी या वर्तमान प्रगतिशील समाज को पीछे ले जाने वाली समाज की कोई भी रीति-नीति रूढ़ि है। रूढ़ि स्थिर होती है। जबकि परंपरा समय के साथ अनुपयोगी हो गए मूल्यों को छोड़ती और उपयोगी मूल्यों को जोड़ती निरंतर बहती धारा परंपरा है। परंपरा गतिशील है।
एक निरंतर बहता निर्मल प्रवाह, जो हर सड़ी-गली रूढ़ि को किनारे फेंकता और हर भीतरी-बाहरी, देशी-विदेशी उपयोगी मूल्य को अपने में समेटता चलता है।
साहित्य संबंधी सामान्य ज्ञान
प्रश्न 5
Maharashtra Board Solution
(अ) आशारानी व्होरा जी के लेखन कार्य का प्रमुख उद्देश्य – …………………………………..
Solution & Step-by-Step Answer:
: विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी रही महिलाओं के जीवन संघर्ष को चित्रित करना और वर्तमान नारी वर्ग के सम्मुख उनके आदर्श प्रस्तुत करना।
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(आ) आशारानी व्होरा जी की रचनाएँ – …………………………………..
उत्तर :
प्रश्न 6
Maharashtra Board Solution
कोष्ठक में दी गई सूचना के अनुसार अर्थ के आधार पर वाक्य परिवर्तन करके फिर से लिखिए : (1) मनुष्य जाति की नासमझी का इतिहास क्रूर और लंबा है। (प्रश्नात्मक वाक्य) (2) दया निर्बल थी, वह इतना भार सहन न कर सकी। (निषेधात्मक वाक्य) (3) अपनी समस्याओं पर माँ से खुलकर बात करके उनसे सलाह (प्रश्नात्मक वाक्य) (4) मेरे साथ न्याय नहीं हुआ है। (विधि वाक्य) (5) शेष आप इस लिफाफे को खोलकर पढ़ लीजिए। (आज्ञार्थक वाक्य) (6) ऐसे समय वह तुम्हारी बात न सुने। (विधि वाक्य) (7) वे निरर्थक हैं तो फिर सार्थक क्या है? (विधानार्थक वाक्य) (8) मैं तुम्हें खिलौना समझता रहा और तुम साँप निकले। (विस्मयादिबोधक वाक्य) (9) इस क्षेत्र में भी रोजगार की भरपूर संभावनाएं हैं। (निषेधात्मक वाक्य) (10) आप भी तो एक विख्यात फीचर लेखक हैं। (विस्मयादिबोधक वाक्य)
Solution & Step-by-Step Answer:
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Solution & Step-by-Step Answer:
(1) क्या मनुष्य जाति की नासमझी का इतिहास क्रूर और लंबा है? (2) दया सबल नहीं थी, वह इतना भार सहन न कर सकी। (3) क्या अपनी समस्याओं पर माँ से खुलकर बात करके उनसे. सलाह लेती है? (4) मेरे साथ न्याय करें। (5) शेष आप इस लिफाफे को खोलकर पढ़ो। (6) ऐसे समय वह तुम्हारी बात सुने। (7) वे निरर्थक हैं। (8) अच्छा मैं तुम्हें खिलौना समझता रहा और तुम साँप निकले। (9) इस क्षेत्र में रोजगार की भरपूर संभावनाएँ नहीं हैं। (10) आप एक विख्यात फीचर लेखक हैं!
Hindi Yuvakbharati 12th Digest Chapter 8 सुनो किशोरी Additional Important Questions and Answers (कृतिपत्रिका के प्रश्न 1 (अ) तथा प्रश्न 1 (आ) के लिए) प्रश्न. निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : कृति 1 : (आकलन)
कृति 2 : (शब्द संपदा)
(2) अधिकार – अन + अधिकार, अनधिकार। कृति 3 : (अभिव्यक्ति)
पश्चिमी सभ्यता सदा से ही खाओ, पियो और आनंद मनाओ के सिद्धांत को मानती आई है। आज पश्चिमी सभ्यता का अनुकरण करके हम दुख के भागी बन रहे हैं। समाज में चारों ओर अराजकता फैल रही है। इसके परिणामस्वरूप ही आज हमारे महान देश में वृद्धाश्रमों की संख्या बढ़ती जा रही है। हमें पश्चिमी सभ्यता का आकर्षण छोड़कर अपनी संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों का अनुसरण करना चाहिए। गद्यांश क्र. 2 कृति 1 : (आकलन)
कृति 2 : (शब्द संपदा)
कृति 3 : (अभिव्यक्ति)
गद्यांश क्र. 3 कृति 1 : (आकलन)
कृति 2 : (शब्द संपदा)
गद्यांश क्र. 4 कृति 1 : (आकलन)
कृति 2 : (शब्द संपदा)
मुहावरे
(2) खाला का घर (3) खाल मोटी होना (4) गिरगिट की तरह रंग बदलना (5) घोड़े बेचकर सोना (6) चोली दामन का साथ होना (7) कन्नी काटना।
Solution & Step-by-Step Answer:
े ही माँ-बाप से कन्नी काट चुके थे।
काल परिवर्तन
वाक्य शुद्धिकरण
सुनो किशोरी Summary in Hindi सुनो किशोरी लेखक का परिचय सुनो किशोरी लेखक का नाम :आशारानी व्होरा। (जन्म 7 अप्रैल, 1921; निधन 2009.) सुनो किशोरी प्रमुख कृतियाँ :भारत की प्रथम महिलाएँ, स्वतंत्रता सेनानी लेखिकाएँ, क्रांतिकारी किशोरी, स्वाधीनता सेनानी, लेखक-पत्रकार आदि। सुनो किशोरी विशेषता :आपने आधुनिक हिंदी साहित्य में नारी विषयक लेखन को समृद्ध किया। लेखन में नई धारा को जन्म। विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी रही. महिलाओं के जीवन संघर्ष को चित्रित किया और वर्तमान नारी वर्ग के सम्मुख उनके आदर्श प्रस्तुत किए। सुनो किशोरी विधा :पत्र शैली में लिखा गया निबंध। सुनो किशोरी विषय प्रवेश :प्रस्तुत पाठ पत्र शैली में लिखा गया है। लेखिका अपनी पुत्री को रूढ़ि और परंपरा का अंतर बताते हुए कह रही है कि हमें जीवन में ऊँचा उठने का प्रयास अवश्य करना चाहिए परंतु अपनी संस्कृति, अपनी सभ्यता से कटकर नहीं। साथ ही लेखिका का यह भी कहना है कि किशोरियों की शंकाओं, परेशानियों, प्रश्नों, दुश्चिंताओं आदि के समाधान के लिए एक माँ या एक अच्छी सखी को मार्गदर्शिका के रूप में कार्य करना चाहिए।
सुनो किशोरी पाठ का सार लेखिका की पुत्री सुगंधा की किशोरी सखी रचना ने अभी कॉलेज में प्रवेश लिया है। वहाँ वह एक सहपाठी की ओर आकर्षित हो जाती है। अभी लड़का और लड़की दोनों की आयु कम है। लेखिका अपनी पुत्री को उसे उचित मार्गदर्शन देने की प्रेरणा दे रही है। साथ ही सखी का साथ न छोड़ने का भी परामर्श देती है। किशोर अवस्था। में बच्चे अपने साथियों पर कहीं अधिक विश्वास करते हैं। सुनो किशोरी मुहावरे : अर्ध औ२ वाक्य प्रयोग (1) धरती पर निगाह रखना। (2) फलीभूत होना। (3) राह का रोड़ा बनना। (4) कन्नी काटना। (5) आगाह करना। सुनो किशोरी शब्दार्थ सुनो किशोरी मुहावरे |




