Maharashtra State Board Class 5 Hindi Sulabhbharati Solutions Chapter 3 योग्य चुनाव
5th Standard Hindi Digest Chapter 3 योग्य चुनाव Textbook Questions and Answers
1. इस कहानी से क्या सीख मिलती है, बताओ |
Hindi Sulabhbharati Class 5 Solutions Chapter 3 योग्य चुनाव Additional Important Questions and Answers
1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
प्रश्न 1
Maharashtra Board Solution
क्या आपने किसी की सहायता की है? कैसे?
Solution & Step-by-Step Answer:
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Solution & Step-by-Step Answer:
हाँ, एक बार मेरे पड़ोस में रहनेवाला दो साल का मोनू कीचड़ में गिर गया था। मैंने उसे कीचड़ से निकाला। उसके घर छोड़कर आया। उसकी मम्मी ने मुझे धन्यवाद दिया।।
प्रश्न 2
Maharashtra Board Solution
राजा मंगलसेन ने मंत्री से क्या कहा?
Solution & Step-by-Step Answer:
राजा मंगलसेन ने कहा, “आप पहले अपने जैसे सेवाभावी, परोपकारी और ईमानदार मंत्री का चुनाव कर लीजिए, तभी आपको सेवामुक्त किया जा सकता है।”
प्रश्न 3
Maharashtra Board Solution
बैलगाड़ी के पहिए को कीचड़ में फँसा देखकर कर्मवीर ने क्या किया?
Solution & Step-by-Step Answer:
बैलगाड़ी के पहिए को कीचड़ में फँसा देखकर कर्मवीर सीधे कीचड़ में उतरा और ज़ोर लगाकर बैलगाड़ी का पहिया कीचड़ से बाहर निकाला।
प्रश्न 4
Maharashtra Board Solution
सारे उम्मीदवार कर्मवीर को देखकर क्यों हँसने लगे?
Solution & Step-by-Step Answer:
सारे उम्मीदवार कर्मवीर को देखकर हँसने लगे, क्योंकि उसके कपड़े कीचड़ से सने थे।
प्रश्न 5
Maharashtra Board Solution
राजा ने कर्मवीर को मंत्री क्यों बनाया?
Solution & Step-by-Step Answer:
राजा मंगलसेन का मानना था कि “जो सामान्य आदमी की पीड़ा से दु:खी होता है, वही ऊँचे पद पर बैठने का अधिकारी होता है।” इसलिए राजा ने कर्मवीर को मंत्री बनाया।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में लिखिए:
प्रश्न 1
Maharashtra Board Solution
राजा मंगलसेन के मंत्री कौन थे?
Solution & Step-by-Step Answer:
राजा मंगलसेन के मंत्री जगतराम थे।
प्रश्न 2
Maharashtra Board Solution
राजा ने मंत्री को सेवामुक्त करने के लिए क्या शर्त रखी?
Solution & Step-by-Step Answer:
राजा ने मंत्री को सेवामुक्त करने के लिए यह शर्त रखी कि आप पहले अपने जैसे सेवाभावी, परोपकारी और ईमानदार मंत्री का चुनाव कर लीजिए।
प्रश्न 3
Maharashtra Board Solution
बैलगाड़ी का पहिया कहाँ फँस गया था?
Solution & Step-by-Step Answer:
बैलगाड़ी का पहिया कीचड़ में फँस गया था।
प्रश्न 4
Maharashtra Board Solution
वृद्ध ने कर्मवीर को इनाम में क्या देना चाहा?
Solution & Step-by-Step Answer:
वृद्ध ने कर्मवीर को इनाम में कुछ रुपये देने चाहे।
प्रश्न 5
Maharashtra Board Solution
बैलगाड़ी का चालक कौन था?
Solution & Step-by-Step Answer:
बैलगाड़ी के चालक स्वयं मंत्री जगतराम थे।
प्रश्न 6
Maharashtra Board Solution
राजा का नाम क्या था?
Solution & Step-by-Step Answer:
राजा का नाम मंगलसेन था।
प्रश्न 7
Maharashtra Board Solution
राज्य में क्या ढिंढोरा पिटवाया गया?
Solution & Step-by-Step Answer:
राज्य में यह ढिंढोरा पिटवाया गया कि राज्य के नए मंत्री का चयन अगले गुरुवार को किया जाएगा।
प्रश्न 8
Maharashtra Board Solution
किसकी बैलगाड़ी का पहिया कीचड़ में फँस गया था?
Solution & Step-by-Step Answer:
मंत्री जगतराम की बैलगाड़ी का पहिया कीचड़ में फँस गया था।
प्रश्न 9
Maharashtra Board Solution
मंत्री जगतराम की मदद किसने की?
Solution & Step-by-Step Answer:
मंत्री जगतराम की मदद कर्मवीर नाम के प्रतिभाशाली नवयुवक ने की।
कोष्ठक में से उचित शब्द चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:
प्रश्न 1
Maharashtra Board Solution
कोष्ठक में से उचित शब्द चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (बूढ़े, ढिंढोरा, निर्धन, चयन, कीचड़, मंत्री, प्रसन्न, आशीर्वाद, हताश, सैकड़ों, हरकारे, ग्यारह) |
4. किसने किससे कहा:
प्रश्न 1
Maharashtra Board Solution
किसने किससे कहा:
Solution & Step-by-Step Answer:
व्याकरण:
प्रश्न 1
Maharashtra Board Solution
निम्नलिखित शब्दों के समानार्थी शब्द लिखिए: |
प्रश्न 2
Maharashtra Board Solution
निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिए:
Solution & Step-by-Step Answer:
प्रश्न 3
Maharashtra Board Solution
निम्नलिखित शब्दों के लिंग बदलिए: |
प्रश्न 4
Maharashtra Board Solution
पाठ में आए निम्नलिखित शब्दों को याद करके अपनी कॉपी में पाँच बार लिखिए:
Solution & Step-by-Step Answer:
Solution & Step-by-Step Answer:
योग्य चुनाव Summary in Hindi कहानी का सारांश: इस कहानी के माध्यम से सदा सत्य की राह पर चलने का संदेश दिया गया है। दूसरों की मदद करना पुण्य का काम है। हमें हमेशा दूसरों की मदद करनी चाहिए। इसी में जीवन का सच्चा आनंद है। हमें हमेशा भलाई के बदले भलाई ही प्राप्त होती है। शब्दार्थ: |