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Class 8Hindi (Lokbharati / Sulabhbharati)2026-27 Syllabus

Chapter 4 सौहार्द -सौमनस्‍य Solutions

Complete Maharashtra State Board Balbharati & Yuvakbharati textbook solutions for Chapter 4 सौहार्द -सौमनस्‍य. Step-by-step solved exercises, numerical problems, and digest answers.

26 Solved Questions10 Diagrams1771 words

Maharashtra State Board Class 8 Hindi Solutions Chapter 4 सौहार्द -सौमनस्‍य

Hindi Sulabhbharti Class 8 Solutions Chapter 4 सौहार्द -सौमनस्‍य Textbook Questions and Answers

सूचना के अनुसार कृतियाँ करो:

कृति पूर्ण करो:

Question 1 Maharashtra Board Solution
Solution & Step-by-Step Answer:

Question 2 Maharashtra Board Solution
Solution & Step-by-Step Answer:

कविता में इस अर्थ में आए शब्द लिखिए।

Answer:

भाषा बिंदु

पाठों में आए अव्ययों को पहचानो और उनके भेद बताकर उनका अलग-अलग वाक्यों में प्रयोग करो।
Answer:

कविता में प्रयुक्त विलोम शब्दों की जोड़ियाँ लिखिए।
Answer:

उपयोजित लेखन

शालेय बैंड पथक के लिए आवश्यक सामग्री खरीदने हेतु अपने विद्यालय के प्राचार्य से विद्यार्थी प्रतिनिधि के नाते अनुमति माँगते हुए निम्न प्रारूप में पत्र लिखिए।
Answer:
१३ दिसंबर, २०१८.
प्रति,
माननीय प्राचार्य, डॉन बास्को विद्यालय, भाईंदर (प.) ठाणे – ४०१ १०५ विषय : शालेय बैंड पथक के लिए आवश्यक सामग्री खरीदने हेतु अनुमति पत्र।
माननीय महोदय,
सादर प्रणाम।
मैं कुमारी सपना पांडे आपके विद्यालय की कक्षा आठवीं ‘अ’ की विद्यार्थी-प्रतिनिधि हूँ। आपको पता है कि इस वर्ष हमारा स्कूल ‘राज्य बैंड प्रतियोगिता’ में हिस्सा लेने वाला है। इसलिए प्रतियोगिता की तैयारी करने के लिए हमें कुछ बैंड सामग्री की जरूरत है। अपने स्कूल के पास जो बैंड सामग्री है वह बहुत ही दयनीय स्थिति में है। अत: इस पत्र के द्वारा मैं आपसे अनुरोध करना चाहती हूँ कि अपने विद्यालय के बैंड पथक के लिए सामग्री खरीदने के लिए मुझे अनुमति दे दीजिए। मुझे आशा है कि हमारी विनती पर अवश्य विचार करेंगे और हमें सामग्री खरीदने के लिए शीघ्र अनुमति प्रदान करेंगे।
कष्टार्थ क्षमा!
आपकी आज्ञाकारी,
सपना पांडे
विद्यार्थी प्रतिनिधि
कक्षा – आठवीं ‘अ’

कल्पना पल्लवन

‘भारत की विविधता में एकता है।’ इसे स्पष्ट कीजिए।
Answer:
भारत एक विशाल देश है। इस देश में विविध राज्य हैं। प्रत्येक राज्य की अपनी-अपनी भाषा खान-पान वेशभूषा एवं संस्कृति हैं। प्रत्येक राज्य के पास अपनी-अपनी कला, नृत्य एवं संगीत की धरोहर हैं। फिर भी हमारे भारतीय शास्त्रीय संगीत ने सभी को एकता के सूत्र में बांध रखा है। हमारे देश में हिंदु-मुस्लिम, सीख व ईसाई ये प्रमुख धर्म हैं। इनके अलावा प्रत्येक धर्म में कई जातियाँ हैं। सभी के अपने-अपने धर्म के अनुसार त्योहार हैं। सभी एक-दूसरे के त्योहारों में बड़े प्यार से शरीक होते हैं। ऐसा होने के बावजूद भी हम सब एक हैं। हम भारतीय हैं।

भारतीयता की भावना ने हमें आपस में बनाया है। भारत में देर सारी भाषाएँ होने के बावजूद भी हिंदी भारतीय एकता की कड़ी बनी हुई है। सभी भाषाओं में लिखा गया साहित्य हमारे देश की संस्कृति को दर्शाता है। भारत के किसी एक राज्य में अकाल या कुछ हादसा हो जाए तो दूसरे राज्यों से तुरंत सहायता के लिए आगे आ जाते हैं। यदि देश पर किसी भी प्रकार का आक्रमण या अतिक्रमण होने की स्थिति निर्माण हो जाती है, तो तुरंत सभी राज्य एकसंघ में बैंधकर देश की हिफाजत करने के लिए तत्पर हो जाते हैं। इस प्रकार हमारे देश में विविधता होने के बावजूद भी एकता है।

स्वयं अध्ययन

‘नफरत से नफरत बड़ती है और स्नेह से स्नेह बढ़ता है। इस तथ्य से संबंधित अपने विचार लिखिए।
Answer:
नफरत मनुष्य के हृदय को जलाने का काम करती है और साथ ही वह मनुष्य के मन-मस्तिष्क पर भी हावी हो जाती है। इस कारण मनुष्य दूसरे व्यक्ति से नित जलता रहता है और दूसरे के प्रति ईर्ष्या और द्वेष की भावना रखता है। ऐसा करने से व्यक्ति को कुछ भी हासिल नहीं होता। वह स्वयं के लिए गड्ढा खोदने का काम करता है। यदि हम किसी से नफरत करेंगे, तो दूसरे भी हमसे नफरत करते रहेंगे।

इसलिए हमें एक-दूसरे के साथ स्नेह से आचरण करना चाहिए। स्नेह यानी प्यार की भावना। स्नेह में एक-दूसरे को आपस में बाँधने की शक्ति होती है। इससे भाईचारा व शांति प्रस्थापित होती है। समाज में प्रेम का प्रचार एवं प्रसार करने से व्यक्ति पूजनीय बन जाता है और उसे प्रेम के बदले में प्रेम ही मिलता है।

Hindi Sulabhbharti Class 8 Solutions Chapter 4 सौहार्द -सौमनस्‍य Additional Important Questions and Answers

कृति पूर्ण करो:

Question 1 Maharashtra Board Solution
Solution & Step-by-Step Answer:

समझकर लिखिए।

Answer:

कविता में इस अर्थ में आए शब्द लिखिए।

Answer:

तुलना कीजिए।


Answer:

समझकर लिखिए।

पौधे का कार्य
Answer:
सभी के साथ एक समान व्यवहार करता है। वह अपने फूल सभी को देता है।

पद्यांश के आधार पर सही या गलत पहचानकर लिखिए।

Question 1 Maharashtra Board Solution
अनेकता में एकता हमारी विशेषता है।
Solution & Step-by-Step Answer:
सही
Question 2 Maharashtra Board Solution
इंसान पैरों की धूल को सिर पर लगा लेता है।
Solution & Step-by-Step Answer:
गलत

निम्नलिखित पद्यांशों का भावार्थ लिखिए।

Question 1 Maharashtra Board Solution
वो छोटा ……….. पैरों की धूल।
Solution & Step-by-Step Answer:
प्रस्तुत पंक्तियाँ कवि कुरैशी लिखित ‘सौहार्द-सौमनस्य’ कविता से ली गई हैं। कवि कहते हैं कि दुनिया में कोई भी छोटा या बड़ा नहीं होता। व्यक्ति को छोटे-बड़े में कोई भेदभाव नहीं करना चाहिए। छोटे-बड़े की बातें निरर्थक होती हैं। जो धूल अपने पैरों के नीचे होती है, वह हवा से उड़कर अपने सिर पर बैठ जाती है। यानी दुनिया में हम जिसे छोटा कहते हैं; वह कभी-कभी अवसर पाकर बड़ा हो जाता है। इसलिए हमें छोटे-बड़े का भेदभाव नहीं करना चाहिए।
Question 2 Maharashtra Board Solution
नफरत ठंडी ………. तो जोड़।
Solution & Step-by-Step Answer:
प्रस्तुत पंक्तियाँ कवि लिखित ‘सौहार्द-सौमनस्य’ कविता से ली गई हैं। कवि के मतानुसार ठंडी आग ऊपर से भले ही लगे कि वह बुझ गई है, लेकिन अंदर ही अंदर वह जलती रहती है। नफरत भी उसी ठंडी आग के समान है। मनुष्य को इसमें जलना नहीं चाहिए। मनुष्य को अपने मन में किसी के प्रति ईर्ष्या नहीं करनी चाहिए। यदि मनुष्य से हो सके, तो टूटे हुए दिलों को प्यार से जोड़ने का प्रयास करना चाहिए।

निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति ख (१) आकलन कृति

‘प्यार का महत्त्व’ टिप्पणी लिखिए।
Answer:
प्यार का महत्व- दुनिया में यदि व्यक्ति किसी से प्यार करेगा तो उसे प्यार के बदले में प्यार ही मिलेगा। वह अपने आप वहीं मिलता। प्यार तो नकद का काम है वह कभी उधार नहीं रहता। एक हाथ से दो और दूसरे हाथ से लो।

कृति ख (२) आकलन कृति

निम्नलिखित गलत वाक्य सही करके फिर से लिखिए।

Question 1 Maharashtra Board Solution
जर को कण से अलग मान लेना चाहिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
जर्रे को कण से अलग नहीं मानना चाहिए।
Question 2 Maharashtra Board Solution
दुनिया में प्यार के बदले में नफरत मिलती है।
Solution & Step-by-Step Answer:
दुनिया में प्यार के बदले में प्यार मिलता है।

समझकर लिखिए।

Question 1 Maharashtra Board Solution
इंसान प्रेम की भावना को साज-सँवारकर रखता है।
Solution & Step-by-Step Answer:
क्योंकि उसे पता है कि नफरत से नफरत मिलती है और प्यार से प्यार मिलता है।
Question 2 Maharashtra Board Solution
कण-कण में इनका वास होता है।
Solution & Step-by-Step Answer:
भगवान का।

कृति ख (३) भावार्थ

निम्नलिखित पद्यांशों का भावार्थ लिखिए।

Question 1 Maharashtra Board Solution
जो भी करता ……………………. नहीं उधार।
Solution & Step-by-Step Answer:
प्रस्तुत पंक्तियाँ कवि कुरैशी लिखित ‘सौहार्द-सौमनस्य’ कविता से ली गई हैं। दुनिया में यदि व्यक्ति किसी से प्यार करेगा तो उसे प्यार के बदले में प्यार ही मिलेगा। किसी को भी समाज में सम्मान व प्यार अपने आप नहीं मिलता। प्यार तो नकद का काम है, वह कभी उधार नहीं रहता।
Question 2 Maharashtra Board Solution
इसलिए हम ……………………. प्यार से प्यार।
Solution & Step-by-Step Answer:
प्रस्तुत पंक्तियाँ कवि कुरैशी लिखित ‘सौहार्द-सौमनस्य’ कविता से ली गई हैं। तो उसे प्यार के बदले में प्यार ही मिलेगा। वह अपने आप वहीं मिलता। प्यार तो नकद का काम है वह कभी उधार नहीं रहता।

कृति ख (२) आकलन कृति

निम्नलिखित गलत वाक्य सही करके फिर से लिखिए।

Question 1 Maharashtra Board Solution
जर को कण से अलग मान लेना चाहिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
जर्रे को कण से अलग नहीं मानना चाहिए।
Question 2 Maharashtra Board Solution
दुनिया में प्यार के बदले में नफरत मिलती है।
Solution & Step-by-Step Answer:
दुनिया में प्यार के बदले में प्यार मिलता है।

समझकर लिखिए।

Question 1 Maharashtra Board Solution
इंसान प्रेम की भावना को साज-सँवारकर रखता है।
Solution & Step-by-Step Answer:
क्योंकि उसे पता है कि नफरत से नफरत मिलती है और प्यार से प्यार मिलता है।
Question 2 Maharashtra Board Solution
कण-कण में इनका वास होता है।
Solution & Step-by-Step Answer:
भगवान का।

कृति ख (३) भावार्थ

निम्नलिखित पद्यांशों का भावार्थ लिखिए।

Question 1 Maharashtra Board Solution
जो भी करता ……………………. नहीं उधार।
Solution & Step-by-Step Answer:
प्रस्तुत पंक्तियाँ कवि कुरैशी लिखित ‘सौहार्द-सौमनस्य’ कविता से ली गई हैं। दुनिया में यदि व्यक्ति किसी से प्यार करेगा तो उसे प्यार के बदले में प्यार ही मिलेगा। किसी को भी समाज में सम्मान व प्यार अपने आप नहीं मिलता। प्यार तो नकद का काम है, वह कभी उधार नहीं रहता।
Question 2 Maharashtra Board Solution
इसलिए हम ……………………. प्यार से प्यार।
Solution & Step-by-Step Answer:
प्रस्तुत पंक्तियाँ कवि कुरैशी लिखित ‘सौहार्द-सौमनस्य’ कविता से ली गई हैं। प्रत्येक व्यक्ति को प्यार की भावना को अपने हृदय में साजसँवारकर रखना चाहिए क्योंकि नफरत से नफरत बढ़ती है और प्यार लुटाने से प्यार बढ़ता है।

समझकर लिखिए।

Question 1 Maharashtra Board Solution
फूल बगिया की इसके साथ तुलना की गई है।
Solution & Step-by-Step Answer:
हिंदुस्तान के साथ।
Question 2 Maharashtra Board Solution
इसके नाम पर हम आपस में लड़ते-झगड़ते हैं।
Solution & Step-by-Step Answer:
धर्म व ईश्वर के नाम।

तात्पर्य लिखिए।

Question 1 Maharashtra Board Solution
‘जले दीप से दीप’ से तात्पर्य यह है कि
Solution & Step-by-Step Answer:
सभी भारतवासी आपस में मिल-जुलकर रहें।
Question 2 Maharashtra Board Solution
‘फल बगिया लगती रही मुझको हिंदुस्तान’ इससे तात्पर्य है कि –
Solution & Step-by-Step Answer:
भारत देश एक संपन्न व समृद्ध देश है।

समझकर लिखिए।

Question 1 Maharashtra Board Solution
इस संभावना की बात की गई है।
Solution & Step-by-Step Answer:
सभी लोग आपस में मिल-जुलकर चैन व शांति से रहेंगे।

निम्नलिखित पद्यांशों का भावार्थ लिखिए।

Question 1 Maharashtra Board Solution
हम ……………. सब बेकार।
Solution & Step-by-Step Answer:
प्रस्तुत पंक्तियाँ कवि कुरैशी लिखित ‘सौहार्द-सौमनस्य’ कविता से ली गई हैं। ईश्वर के नाम पर सभी लोग आपस में धर्म, वंश, जाति, भाषा व संप्रदाय के मुद्दे पर लड़ते-झगड़ते हैं। उस ईश्वर ने ही कवि के सपने में आकर कहा कि उसके लिए इस प्रकार लोगों का लड़ना-झगड़ना उन्हें अच्छा नहीं लगता। यह सब व्यर्थ अर्थात मानवता के खिलाफ व अमानवीय हैं।
Question 2 Maharashtra Board Solution
कितना अच्छा ………. दीप समीप।
Solution & Step-by-Step Answer:
प्रस्तुत पंक्तियाँ कवि कुरैशी लिखित ‘सौहार्द-सौमनस्य’ इस कविता से ली गई हैं। कवि चाहते हैं कि सभी भारतवासी आपस में मिल-जुलकर रहें। अत: वह कहते हैं कि उस वक्त कितना अच्छा होगा; जब सभी भारतीय एक-दूसरे की भावनाओं का आदर करना सीख जाएँ। यह तभी संभव हो सकता है; जब सभी लोग आपस में एकमत होकर एकता स्थापित करें।