Maharashtra State Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 4 सिंधु का जल
Hindi Lokbharti 9th Std Digest Chapter 4 सिंधु का जल Textbook Questions and Answers
संभाषणीय :
सभीः इसीलिए हम सभी मिलकर शपथ लेते हैं कि हम जल का व्यर्थ में दुरूपयोग नहीं करेंगे और ना किसी को करने देंगे। आखिर जल ही जीवन है। वह ही हमारा तन मन धन है।
पठनीय :
प्रश्न 1
Maharashtra Board Solution
रवींद्रनाथ टैगोर की कोई कविता पढ़कर ताल और लय के साथ उसका गायन कीजिए। |
श्रवणीय :
प्रश्न 1. अंतरजाल/यू ट्यूब से ‘जल संधारण’ संबंधी जानकारी सुनकर उसका संकलन कीजिए। |
कल्पना पल्लवन :
प्रश्न 1. ‘मैं हूँ नदी’ इस विषय पर कविता कीजिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
ः
|

पाठ के आँगन में :
1. सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए :
प्रश्न क.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तरः


प्रश्न ख.
पूर्ण कीजिए।
पावन जल स्नान करने वालों से नहीं पूछता –
उत्तरः
कृति ख (1) की आकलन कृति देखिए।
2. भारत के मानचित्र में अलग-अलग राज्यों में बहने वाली नदियों की जानकारी निम्न मुद्दों के आधार पर तालिका में लिखिए।
प्रश्न 1
Maharashtra Board Solution
भारत के मानचित्र में अलग-अलग राज्यों में बहने वाली नदियों की जानकारी निम्न मुद्दों के आधार पर तालिका में लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
ः
|

नदी का नाम | उद्गम स्थल | राज्य | बाँध का नाम |
1. गंगा | गंगोत्री | उत्तरांचल | फरक्का बाँध |
2. यमुना | यमुनोत्री | उत्तरांचल | ओखला बाँध |
3. कोयना | महाबलेश्वर | महाराष्ट्र | कोयना बाँध |
3. पाठ से ढूँढकर लिखिए।
प्रश्न च.
संगीत-लय निर्माण करने वाले शब्द।
उत्तरः
प्रत्येक पद्यांश की कृति देखिए।
प्रश्न छ.
भिन्नार्थक शब्दों के अर्थ लिखिए और ऐसे अन्य दस शब्द ढूंढिए।
उत्तरः
पाठ से आगे :
प्रश्न 1
Maharashtra Board Solution
‘नदी जल मार्ग योजना’ के संदर्भ में अपने विचार लिखिए। |
भाषा बिंदु :
प्रश्न 1. प्रेरणार्थक क्रिया का रूप पहचानकर उसका वाक्य में प्रयोग कीजिए। |
क. जिसे वहाँ से जबरन हटाना पड़ता था।
हटाना पड़ता: प्रेरणार्थक क्रिया रूप वाक्य: उस झोपड़ी को वहाँ से जबरन हटाना पड़ेगा।
ख. महाराज उम्मेद सिंह द्वारा निर्मित होने से ‘उम्मेद भवन’ कहलवाया जाता है।
उत्तर:
कहलवाया: प्रेरणार्थक किया रूप वाक्य: ‘अब मैं गलती नहीं करूंगा” यह वाक्य उससे हजार बार कहलवाया गया।
प्रश्न 2
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सहायक क्रिया पहचानिए।
च. हम मेहरान गढ़ किले की ओर बढ़ने लगे।
Solution & Step-by-Step Answer:
ः
लगे : लगना : सहायक क्रिया छ. काँच का कार्य पर्यटकों को आश्चर्यचकित कर देता है।
प्रश्न 3
Maharashtra Board Solution
सहायक क्रिया का वाक्य में प्रयोग कीजिए। (त) होना : ……………………….. (थ) पड़ना : ……………………….. (द) रहना : ……………………….. (ध) करना : ……………………….. उत्तरः (त) होना : वहाँ पर एक सुंदर कुटी बनी हुई है। (थ) पड़ना : वह जमीन पर गिर पड़ा। (द) रहना : वह अपना कार्य कर रहा था। (ध) करना : तुम सुबह-शाम टहला करो। |
Hindi Lokbharti 9th Answers Chapter 4 सिंधु का जल Additional Important Questions and Answers
(क) पद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।
कृति (1) आकलन कृति
प्रश्न 1
Maharashtra Board Solution
समझकर लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
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Solution & Step-by-Step Answer:
प्रश्न 2
Maharashtra Board Solution
कृति पूर्ण कीजिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
कृति (2) आकलन कृति
प्रश्न 1
Maharashtra Board Solution
सत्य-असत्य लिखिए। i. नदियों के तटों पर संस्कृतियाँ जन्म लेती हैं। ii. नदी का पानी निरंतर गतिशील नहीं होता है।
Solution & Step-by-Step Answer:
i. सत्य ii. असत्य
प्रश्न 2
Maharashtra Board Solution
सही शब्द चुनकर वाक्य फिर से लिखिए। i. नदी का जल पावन / अपावन होता है। उत्तरः नदी का जल पावन होता है। |
ii. नदी का जल गीली हलचल / कल-कल होता है।
नदी का जल गीली हलचल होता है।
कृति (3) भावार्थ
प्रश्न 1
Maharashtra Board Solution
“सतत प्रवाहमान …………… आदि बिंदु।” इस पद्यांश का भावार्थ लिखिए। भावार्थः सिंधु नदी का जल हमसे कह रहा है; “मैं सिंधु नदी का पावन जल हूँ। मैं निरंतर गतिशील रहता हूँ। मैं आपके जीवन की पहचान हूँ। मैं एक गीली
Solution & Step-by-Step Answer:
चल हूँ यानी मुझमें भी आपके भाँति संवेदनाएँ है। मेरे स्वर में कल-कल है। मैं सिंधु नदी का जल हूँ। आप जानते हैं कि सिंधु नदी भारत की एक पुरातन नदी है और धरती पर जब सभ्यताओं का जन्म होने लगा था; उसकी साक्षी सिंधु नदी रही है। इसीलिए मैं सिंधु नदी का जल होने के कारण धरती पर निर्माण हुए सभ्यताओं का आदि बिंदु
(ख) पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए। कृति (1) आकलन कृति
प्रश्न 1
Maharashtra Board Solution
कृति पूर्ण कीजिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
कृति (2) आकलन कृति
प्रश्न 1
Maharashtra Board Solution
जोड़ियाँ मिलाइए। |
(अ) | (ब) |
1. जीवन | (क) लहरें |
2. सांस्कृतिक | (ख) मर्म |
3. उछलती | (ग) नदियाँ |
(अ) | (ब) |
1. जीवन | (ख) मर्म |
2. सांस्कृतिक | (ग) नदियाँ |
3. उछलती | (क) लहरें
प्रश्न 2
Maharashtra Board Solution
सत्य-असत्य लिखिए। i. पावन जल प्यास बुझाने वाले से पहले पूछता है कि वह व्यक्ति उसका दोस्त है या दुश्मन। ii.. पावन जल पर सभी का अधिकार होता है।
Solution & Step-by-Step Answer:
i. असत्य ii. सत्य
प्रश्न 3
Maharashtra Board Solution
समझकर लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
कृति (3) भावार्थ
प्रश्न 1
Maharashtra Board Solution
“मैं नहाने वाले. ………… मचलती है।” इस पद्यांश का भावार्थ लिखिए। भावार्थ: मेरे पास आकर नहाने वाले मुसाफ़िर से मैं उसकी जाति, मजहब या धर्म के बारे में नहीं पूछता हूँ। कोई भी मेरे पास बेरोक टोक आकर नहा सकता है लेकिन मैं उनसे उनकी जाति, मज़हब या धर्म नहीं पूछता हूँ। इंसानियत से बढ़कर कोई धर्म नहीं होता है और जीवन के इस मर्म से मैं भली भाँति परिचित हूँ। सिंधु नदी में अचानक उत्पन्न होने वाली लहरें सदा उछलती रहती है मानो वह नित्य जीवन की ओर बढ़ने का प्रयास करती रहती हैं। |
(ग) पद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।
कृति (1) आकलन कृति
प्रश्न 1
Maharashtra Board Solution
आकृति पूर्ण कीजिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
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Solution & Step-by-Step Answer:
कृति (2) आकलन कृति
प्रश्न 1
Maharashtra Board Solution
सत्य-असत्य लिखिए। i. सिंधु का पावन जल विधवा के दुख-दर्द को समझता है। ii. सिंधु के किनारे तलवारें गरजती हैं।
Solution & Step-by-Step Answer:
i. सत्य ii. असत्य
प्रश्न 2
Maharashtra Board Solution
समझकर लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
कृति (3) भावार्थ
पद्य-विश्लेषण : पसंदीदा होने का कारण – कविता से प्राप्त संदेश या प्रेरणा – सिंधु का जल Summary in Hindi कवि-परिचय : जीवन-परिचय : चक्रधर जी का जन्म 8 फरवरी 1951 को खुर्जा,
Solution & Step-by-Step Answer:
प्रदेश में हुआ। हिंदी साहित्य में उनके उत्कृष्ट योगदान के कारण उन्हें ‘पद्म श्री’ व ‘यश भारती पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है। हिंदी साहित्य में आधुनिक कवि हास्य व्यंग्यकार, निबंधकार, नाटककार एवं पटकथाकार रूप में श्रीमान अशोक चक्रधर जी का नाम उल्लेखनीय है। बच्चों के लिए कहानी एवं हास्य व्यंग्य लिखना आपका प्रिय शौक हैं।
प्रमुख कृतियाँ : ‘बूढ़े’, ‘बच्चे’, ‘तमाशा’, ‘खिड़कियाँ’, ‘बोल-गप्पे’, ‘जो करे सो जोकर’ आदि कविता संग्रह। पद्य-परिचय : नई कविता : आधुनिक हिंदी साहित्य में नई कविता का प्रवाह गतिशील है। नई कविता मानवीय संवेदनाओं का चित्रण करती है और साथ में वह मानव को परिवेश के प्रति सचेत करती है। अनुभूति की सच्चाई व यथार्थ बोध, दृष्टि की उन्मुक्तता तथा मानवतावाद नई कविता की प्रमुख विशेषताएँ हैं। सारांश : प्रस्तुत कविता में भले ही एक नदी का वर्णन आया हो लेकिन उसके माध्यम से लेखक ने हमें हमारी सभ्यता, संस्कृति, इंसानियत सर्वधर्म समभाव व परदुखकातरता आदि मानवीय गुणों को स्वीकार करने के लिए कहा है। नदी के किनारे पर सभ्यता एवं संस्कृति का विकास होता है। उसी के कगार पर इनसानियत के यज्ञ किए जाते हैं। नदी में बहने वाला जल पवित्र होता है। वह अपने पास आने वाले किसी व्यक्ति से उसका मजहब व धर्म नहीं पूछता है। युद्ध में मारे गए वीर पुरुषों का लहू उसी के पास बहते हुए आता है। वह सबके घाव धोता है। उससे दूसरों का दुख देखा नहीं जाता। जिस प्रकार नदी के जल के पास गुण होते हैं; वैसे गुण मनुष्य में भी होने चाहिए। मनुष्य को मानवीय गुणों को स्वीकार करना चाहिए। इस कविता के द्वारा कवि ने परोपकार का संदेश दिया है। भावार्थ : सतत प्रवाहमान …… आदि बिंदु। मेरे ही किनारे ………………. पावन जल हूँ। मैं नहाने ……………….. मचलती हैं। प्यास बुझाने ………………. घुल-मिल जाती है। लेकिन क्या ………………. तो रोता हूँ। ऐसे बहूँ ………………. इंदु हूँ। शब्दार्थ : |





